GST और टैक्स22 मार्च 20269 मिनट

दूध और डेयरी उत्पादों पर GST: दूधवालों के लिए आसान गाइड

GST on Milk and Dairy Products: Complete Guide for Milkmen

SJSawan JaiswalDudhHisaab के संस्थापक
दूध और डेयरी उत्पादों पर GST: दूधवालों के लिए आसान गाइड

क्या दूध पर GST लगता है?

सबसे पहले यही जानना होता है, है ना? तो सुनिए, अच्छी खबर यह है: भारत में ताजा दूध — चाहे गाय का हो या भैंस का — GST से पूरी तरह मुक्त है। HSN Code 0401 में आता है, 0% GST। खुला बेचो या सादी पैकेजिंग में — कोई फर्क नहीं।

बस दिक्कत तब शुरू होती है जब आप दूध को प्रोसेस करके बेचना शुरू करते हैं। तो चलिए हर चीज़ अलग-अलग देखते हैं।

डेयरी उत्पादों पर GST दरें (2026)

उत्पादHSN CodeGST दरध्यान रखें
ताजा दूध (गाय/भैंस)04010% (छूट)खुला या बिना ब्रांड
पाश्चुरीकृत दूध04010% (छूट)टोन्ड, डबल-टोन्ड भी
दही (बिना ब्रांड)04030% (छूट)खुला या सादा पैक
दही (ब्रांडेड)04035%बंद पैकेट, लेबल वाला
छाछ/मट्ठा (बिना ब्रांड)04030% (छूट)खुला बेचें
लस्सी (ब्रांडेड)04035%बंद पैकेट, लेबल वाला
पनीर (बिना ब्रांड)04060% (छूट)खुला बेचें
पनीर (ब्रांडेड)04065%बंद पैकेट, लेबल वाला
घी (बिना ब्रांड)04050% (छूट)खुला बेचें
घी (ब्रांडेड)040512%बंद पैकेट, लेबल वाला
मक्खन040512%हर तरह का
चीज040612%हर तरह का
कंडेंस्ड मिल्क040218%मीठा किया हुआ
फ्लेवर्ड मिल्क220212%पैकेज्ड फ्लेवर्ड ड्रिंक
मिल्क पाउडर04025%स्किम्ड और होल दोनों
आइसक्रीम210518%सब प्रकार
क्रीम04015%ताजा क्रीम

एक जरूरी बात — ब्रांडेड vs बिना ब्रांड

2022 में (2024 में अपडेट हुआ) GST काउंसिल ने यह साफ कर दिया: अगर आप बंद पैकेट में अपने नाम से दही, पनीर या घी बेच रहे हैं — भले ही ब्रांड रजिस्टर्ड न हो — तो GST लगेगा।

लेकिन अगर बर्तन या कैन से खुला बेच रहे हैं? तो अभी भी छूट है।

दूधवालों को GST रजिस्ट्रेशन कब चाहिए?

रजिस्ट्रेशन नहीं चाहिए अगर:

  • सिर्फ ताजा दूध बेचते हैं, घर-घर डिलीवरी
  • सालाना कमाई ₹40 लाख से कम (पहाड़ी राज्यों — उत्तराखंड, HP, J&K, NE — में ₹20 लाख की सीमा है)
  • सब कुछ GST-मुक्त सामान ही बेचते हैं

रजिस्ट्रेशन जरूरी है अगर:

  • ब्रांडेड या पैकेज्ड डेयरी प्रोडक्ट बेचते हैं और टर्नओवर सीमा पार हो गई
  • दूसरे राज्य में सामान भेजते हैं — इसमें टर्नओवर कितना भी हो, रजिस्ट्रेशन लाज़मी है
  • ऑनलाइन किसी प्लेटफॉर्म पर बेचते हैं

सच्चाई यह है: जो दूधवाले सिर्फ ताजा दूध घर पहुंचाते हैं, उनमें से ज़्यादातर को GST की जरूरत नहीं होती। लेकिन जैसे ही आपने ब्रांडेड पनीर, घी या फ्लेवर्ड लस्सी बेचनी शुरू की — टर्नओवर पर नजर रखें।

पेमेंट रसीद स्क्रीन

FSSAI लाइसेंस — यह हर किसी के लिए जरूरी है

GST भले न लगे, FSSAI रजिस्ट्रेशन तो करवाना ही होगा — दूध बेचने वाले हर शख्स के लिए अनिवार्य है:

श्रेणीसालाना टर्नओवरफीसवैधता
बेसिक रजिस्ट्रेशन₹12 लाख से कम₹100/साल1-5 साल
स्टेट लाइसेंस₹12 लाख - ₹20 करोड़₹2,000-5,000/साल1-5 साल
सेंट्रल लाइसेंस₹20 करोड़ से ज़्यादा₹7,500/साल1-5 साल

ज़्यादातर दूधवाले बेसिक रजिस्ट्रेशन में आते हैं — बस ₹100 सालाना। fssai.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन करें। चाहिए होगा:

  • आधार कार्ड
  • पासपोर्ट साइज फोटो
  • दुकान या डेयरी का पता प्रमाण

आयकर — GST नहीं तो क्या, यह तो लागू होता है

  • खेती की आय — अपने मवेशियों से दूध निकाल कर बेचना — आमतौर पर आयकर से मुक्त होती है
  • व्यावसायिक आय — दूध खरीदकर आगे बेचना — पर कर लगता है, अगर कुल आय ₹3 लाख (2026-27 का नया स्लैब) से ज़्यादा हो
  • ज़्यादातर छोटे दूधवाले धारा 44AD की अनुमानित कराधान योजना में आते हैं — टर्नओवर का 8% मुनाफा मान लो (डिजिटल पेमेंट पर 6%), और उसी पर टैक्स भरो। लंबे-चौड़े हिसाब किताब की जरूरत नहीं।

एक उदाहरण देखें:

सालाना दूध बिक्री: ₹15 लाख

अनुमानित मुनाफा (डिजिटल पेमेंट, 6%): ₹90,000

टैक्स देना होगा: शून्य — क्योंकि ₹3 लाख की बेसिक छूट से कम है

इसीलिए डिजिटल पेमेंट लेना और उसे Dudh Hisaab में दर्ज करना आपके काम आता है — 6% बनाम 8% वाला फर्क असली पैसे बचाता है। और अगर कभी टैक्स वाले पूछें, तो साफ रिकॉर्ड तैयार है।

हिसाब का रिकॉर्ड रखना क्यों जरूरी है

GST भरो या न भरो, हिसाब-किताब सहेज कर रखना हमेशा फायदेमंद रहता है:

  • रोज़ की डिलीवरी — किसको कितना दूध गया
  • खरीद का हिसाब — कितना दूध खरीदा और किससे
  • पेमेंट रिकॉर्ड — किसने कब और कितना दिया, किस तरीके से
  • खर्चे — पेट्रोल, गाड़ी मरम्मत, बर्तन, मदद करने वालों की मजदूरी

कागज पर भी हो सकता है, लेकिन एक गलती और पूरा महीने का हिसाब गड़बड़। ग्राहक विवाद हो तो हजारों का नुकसान।

Dudh Hisaab में यह सब खुद-ब-खुद होता है — हर एंट्री में समय और तारीख, गणित अपने आप, पेमेंट ट्रैकिंग बिल्ट-इन। CA को देना हो या टैक्स फाइल करनी हो — रिपोर्ट तैयार है।

दूधवाले अक्सर कौन सी गलतियाँ करते हैं

  • FSSAI नहीं करवाना — ₹100 में होती है, जरूरी है। छोड़ा तो जुर्माना भारी पड़ेगा।
  • घर और धंधे के पैसे एक साथ रखना — डेयरी का अलग खाता खुलवाएं।
  • ब्रांडेड प्रोडक्ट बेचना शुरू करने के बाद टर्नओवर नहीं देखना — पैकेज्ड घी या पनीर बेचते हैं? तो हिसाब रखें।
  • रिकॉर्ड ना रखना — छूट वाले धंधे में भी रिकॉर्ड रखना होता है। Dudh Hisaab जैसे ऐप का डिजिटल रिकॉर्ड कानूनी तौर पर मान्य है।
  • ITR न भरना — अगर टैक्स शून्य भी है, ITR भरने से भविष्य में लोन लेने में आसानी होती है।

कुल मिलाकर

जो दूधवाले घर-घर ताजा दूध पहुंचाते हैं — उनके लिए GST की कोई चिंता नहीं, दूध वैसे भी छूट में है। लेकिन जैसे-जैसे आप बढ़ते हो और प्रोसेस्ड चीजें जोड़ते हो, तब ये दरें समझना जरूरी हो जाता है। FSSAI करवा लो (₹100/साल), हिसाब डिजिटल रखो, और साल में ITR भर दो।

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या भारत में दूध पर GST लगता है?

नहीं। ताज़ा दूध, चाहे गाय का हो या भैंस का, भारत में GST से पूरी तरह मुक्त है। यह HSN कोड 0401 के तहत आता है और इस पर 0% GST लगता है, चाहे आप इसे खुला बेचें या बिना ब्रांड पैकिंग में। पाश्चुरीकृत दूध, टोंड और डबल-टोंड सहित, भी मुक्त है। GST तभी आता है जब आप प्रोसेस्ड या ब्रांडेड डेयरी उत्पाद जैसे ब्रांडेड पनीर, घी या फ्लेवर्ड मिल्क बेचने लगते हैं।

पनीर, घी और दही पर GST दर क्या है?

यह इस पर निर्भर करता है कि वे ब्रांडेड हैं या नहीं। खुले बिकने वाले बिना ब्रांड पनीर, घी और दही पर छूट है (0%)। पैक और लेबल होने पर ब्रांडेड दही और पनीर पर 5% GST और ब्रांडेड घी पर 12% लगता है। GST काउंसिल ने यह ब्रांडेड बनाम बिना ब्रांड का अंतर 2022 में बनाया, 2024 में अपडेट किया — आपके नाम वाले सीलबंद पैकेट पर GST बनता है, पर कैन से खुला बेचने पर छूट रहती है।

क्या दूधवालों को GST रजिस्ट्रेशन की ज़रूरत है?

ज़्यादातर को नहीं। अगर आप सिर्फ घर-घर ताज़ा दूध बेचते हैं, सालाना टर्नओवर ₹40 लाख (विशेष राज्यों जैसे उत्तराखंड, HP, J&K और NE राज्यों में ₹20 लाख) से कम है और केवल छूट वाले माल में काम करते हैं तो GST रजिस्ट्रेशन ज़रूरी नहीं। ज़रूरत तब है जब आप थ्रेशोल्ड से ऊपर ब्रांडेड पैक डेयरी बेचें, राज्य की सीमा पार सप्लाई करें (अंतर-राज्य पर अनिवार्य रजिस्ट्रेशन), या ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से बेचें।

क्या डेयरी व्यवसाय के लिए FSSAI रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है?

हाँ। दूध सहित खाद्य उत्पाद संभालने वाले हर व्यक्ति के लिए FSSAI रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है, भले ही GST लागू न हो। ज़्यादातर दूधवाले बेसिक रजिस्ट्रेशन में आते हैं, जो ₹12 लाख से कम टर्नओवर पर ₹100/साल का है। स्टेट लाइसेंस ₹12 लाख से ₹20 करोड़ तक ₹2,000-5,000/साल और सेंट्रल लाइसेंस ₹20 करोड़ से ऊपर ₹7,500/साल का है। fssai.gov.in पर आधार, पासपोर्ट फोटो और व्यवसाय पते के प्रमाण के साथ ऑनलाइन आवेदन करें।

एक छोटे दूधवाले को कितना इनकम टैक्स देना पड़ता है?

अक्सर शून्य। अपने मवेशियों से कृषि आय आमतौर पर मुक्त है, और व्यवसाय आय 2026-27 रेजीम के तहत ₹3 लाख से ऊपर ही टैक्स योग्य है। ज़्यादातर छोटे दूधवाले प्रिज़म्प्टिव स्कीम (धारा 44AD) का उपयोग करते हैं, टर्नओवर का 8% लाभ घोषित करते हैं, या डिजिटल रसीदों पर 6%। उदाहरण: ₹15 लाख बिक्री पर 6% यानी ₹90,000 लाभ — ₹3 लाख छूट से कम, इसलिए टैक्स देनदारी शून्य।

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